Bhairav Vashikaran Mantra





PATI VASHIKARAN MANTRA
PATI VASHIKARAN MANTRA
भैरव वशीकरण मन्त्र
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१॰ “ॐ नमो रुद्राय, कपिलाय, भैरवाय, त्रिलोक-नाथाय, ॐ ह्रीं फट् स्वाहा।”
विधिः- -: सर्व-प्रथम किसी रविवार को दीपक, गुग्गुल, धूप सहित उपर्युक्त मन्त्र का पन्द्रह
हजार जप कर उसे सिद्ध करे। फिर आवश्यकतानुसार इस मन्त्र का १०८, 108 बार जप कर एक लौंग को अभिमन्त्रित लौंग को, साध्य को खिलाए
३॰ “ॐ भ्रां भ्रां भूँ भैरवाय स्वाहा। ॐ भं भं भं अमुक-मोहनाय स्वाहा।”
विधिः:- उक्त मन्त्र को सात बार पढ़कर पीपल के पत्ते को अभिमन्त्रित करे।
फिर मन्त्र को उस पत्ते पर लिखकर, जिसका वशीकरण करना हो, घर के पिछवाड़े गाड़ दे।
या उसके घर में फेंक देवे। यही क्रिया ‘फुरहठ’ या ‘छितवन’ के पत्ते द्वारा भी हो सकती है।
मंत्र महायोग की शक्तिशाली दुनिया मे मंत्र की वो शक्ति अनुभव कर सकते है जिस से टूटता हुआ घर,दिल व समाज ये सब बच सकते है
इस मंत्र के चमत्‍कार से घर मे सुख और आनंद हो जाता है और आनंद की दात्री होती है घर की स्त्री अर्थात
यदि घर मे पत्नी कलह करती हो या बार बार मायके जा कर बैठती हो या तलाक की बात करती हो या
फिर पति को पत्नी अपेक्षित सहयोग ना मिलता हो , इस मंत्र का प्रयोग आवश्याही आपके लिये सफल सीध होगा।
मंत्र
मोहिनी माता भूत पिता भूत सिर बेताल उढ़ ए काली………….को जा लाग
एसी जाके लाग ……….को लग जाये हमारी मुहबत की आग
न खड़े सुख ना लेटे सुख न सोते सुख
सिन्दूर चढ़ाऔं मंगलवार कभी ना छोड़े हमारा ख्याल।
जब तक ना देखे हमारा मुख काया तड़प तड़प मर जाये
चलो मंत्र फुरो वाचा दिखाओ रे शब्द अपने गुरू के इलम का तमाशा
खाली जगह पर उस स्त्री का नाम ले जिसको आप वश मे करना चाहते हैं
यह मंत्र केवल शादी शुदा लोगो को ही लाभ देता है।